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    प्राकृतिक सुंदरता के साथ उठाएं धार्मिक यात्रा का लुत्फ

    शक्ति पीठ के रूप में स्थापित हणोगी माता मंदिर प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटकों की आस्था का भी केंद्र है। कुल्लू-मनाली राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर मंडी से 30 किलोमीटर दूर ब्यास नदी के दोनों किनारों पर स्थित हणोगी माता मंदिर धार्मिक व साहसिक पर्यटन का पर्याय है।
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    प्राकृतिक सुंदरता के साथ उठाएं धार्मिक यात्रा का लुत्फ

    पराशर झील में तैरता भू-खंड, झील के किनारे महर्षि पराशर का पैगोडा शैली में लकड़ी का बना प्राचीन मंदिर प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य से ओत-प्रोत है। पराशर झील का परिसर देव आस्था का केंद्र, पिकनिक स्थल, विश्राम के लिए प्रकृति की गोद और एकांत पलों में अध्यात्म का आंचल जैसा है।
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    प्राकृतिक सुंदरता के साथ उठाएं धार्मिक यात्रा का लुत्फ

    लगभग 300 बीघा भूमि के विस्तार में स्थापित कमलाह किला और कमलाह मंदिर आज भी पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय है। मंडी रियासत की सुरक्षा की दृष्टि से 400 वर्ष पूर्व निर्मित कमलाह किला धर्मपुर उपमंडल में मंडी से 85 कि.मी. की दूरी पर है।
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    प्राकृतिक सुंदरता के साथ उठाएं धार्मिक यात्रा का लुत्फ

    करसोग घाटी में स्थित प्राचीन ममलेश्वर महादेव मंदिर तथा इसके भीतर रखी प्राचीनतम वस्तुएं सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक समृद्धि का एहसास कराती हैं।
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    प्राकृतिक सुंदरता के साथ उठाएं धार्मिक यात्रा का लुत्फ

    राजा श्याम सेन द्वारा 17वीं सदी में टारना पहाड़ी पर शिखर शैली में निर्मित टारना मंदिर जो श्यामाकाली मंदिर के नाम से भी जाना जाता है।