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    मंदिर में चढ़ती है चप्पलों की माला, रात में पहन कर घूमती हैं मां !

    कर्नाटक के गुलबर्ग के आलंदा तहसील में गोला लकम्मा देवी मंदिर में श्रद्धालु देवी मां को चप्पल चढ़ाते हैं। यही नहीं इस मंदिर में 'फुटवियर फेस्टिवल' भी मनाया जाता है।
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    मंदिर में चढ़ती है चप्पलों की माला, रात में पहन कर घूमती हैं मां !

    देवता की बुरी नज़र से अपनी रक्षा के लिए मां ने अपने सिर को जमीन में धंसा दिया। तभी से लेकर आज तक मां की प्रतिमा उसी रूप में विराजित है। मां के मुख का नहीं बल्कि पीठ का पूजन होता है।
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    मंदिर में चढ़ती है चप्पलों की माला, रात में पहन कर घूमती हैं मां !

    मंदिर के सामने नीम का पेड़ है, जहां लोग चप्पल बांधते हैं और मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। एक बात और हैरान करने वाली है, इस मंदिर के पुजारी हिंदू नहीं बल्कि मुसलमान ही होते हैं।
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    मंदिर में चढ़ती है चप्पलों की माला, रात में पहन कर घूमती हैं मां !

    चप्पल चढ़ाने से पहले मंदिर में बैलों की बलि दी जाती थी। जब बलि प्रथा पर रोक लगाई गई तो देवी का प्रकोप बरसने लगा। मां को शांत करने के लिए चप्पल चढ़ाने की परंपरा का आरंभ हुआ।
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    मंदिर में चढ़ती है चप्पलों की माला, रात में पहन कर घूमती हैं मां !

    हिन्दूओं के साथ-साथ यह पवित्र स्थल मुसलमानों के लिए भी श्रद्धा का केंद्र है। कहा तो ये भी जाता है कि मां भक्‍तों द्वारा चढ़ाई गई चप्‍पलों को रात में पहन कर घूमती हैं और सदा उनकी रक्षा करती हैं।