>
X
वेद-पुराण, रामायण और महाभारत से जुड़ा पवित्र तीर्थ है नैमिषारण्य, आप भी करें दर्शन
धार्मिक घटनाओं के साथ वैदिक साहित्य की रचनाओं से भी जुड़ा हुआ भारत का एक ऐसा पौराणिक-ऐतिहासिक धार्मिक स्थल जो बिल्कुल अज्ञात तो नहीं लेकिन नई पीढ़ी की सहज जानकारी में भी नहीं है- वह है नैमिषारण्य धाम।
<
>
X
वेद-पुराण, रामायण और महाभारत से जुड़ा पवित्र तीर्थ है नैमिषारण्य, आप भी करें दर्शन
यहीं चारों वेदों, 18 पुराणों, असंख्य शास्त्रों और अन्य कई धार्मिक ग्रंथों की रचनाएं हुई हैं।
<
>
X
वेद-पुराण, रामायण और महाभारत से जुड़ा पवित्र तीर्थ है नैमिषारण्य, आप भी करें दर्शन
जहां पुरातन काल में सूत जी महाराज शौनिक आदि अपने अट्ठासी हजार ऋषियों को निरंतर प्रवचन के दौरान पौराणिक इतिहास की कहानी सुनाया करते थे।
<
>
X
वेद-पुराण, रामायण और महाभारत से जुड़ा पवित्र तीर्थ है नैमिषारण्य, आप भी करें दर्शन
रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि से उनकी मुलाकात का स्थान भी नैमिषारण्य को ही बताया गया है तथा अपने पुत्रों लव और कुश से भगवान राम की मुलाकात भी इसी स्थान पर हुई थी।
<
X
वेद-पुराण, रामायण और महाभारत से जुड़ा पवित्र तीर्थ है नैमिषारण्य, आप भी करें दर्शन
गोमती नदी के किनारे स्थित यह प्रसिद्ध हिंदू तीर्थ जिसका मार्कंडेय पुराण में अनेक बार अट्ठासी हजार ऋषियों की तपस्थली के रूप में नाम आया है, वायु पुराण तथा वृहद पुराण के अनुसार ऋषियों के स्वाध्याय अनुष्ठान का मुख्य स्थान बताया गया है।