श्रावण मास में भूलकर भी न करें ये काम वरना शिव जी के प्यार से रह जाएंगे वंचित
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    श्रावण मास में भूलकर भी न करें ये काम वरना शिव जी के प्यार से रह जाएंगे वंचित

    शिवलिंग पर नारियल अर्पित किया जाता है लेकिन इससे अभिषेक नहीं करना चाहिए। देवताओं को चढ़ाया जाने वाले प्रसाद ग्रहण करना आवश्यक होता है। लेकिन शिवलिंग का अभिषेक जिन पदार्थों से होता है उन्हें ग्रहण नहीं किया जाता।
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    एक पौराणिक कथा के अनुसार केतकी फूल ने ब्रह्मा जी के झूठ में साथ दिया था, जिससे नाराज होकर भोलनाथ ने केतकी के फूल को श्राप दिया। शिव जी ने कहा कि शिवलिंग पर कभी केतकी के फूल को अर्पित नहीं किया जाएगा।
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    शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है और हल्दी स्त्रियोचित वस्तु है। स्त्रियोचित यानी स्त्रियों संबंधित। इसी वजह से शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।
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    शिव को विनाशक कहा जाता है, यही वजह है कि सिंदूर से भगवान शिव की सेवा करना अशुभ माना जाता है।
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    तो वहीं शिवलिंग पर तुलसी भी कभी अर्पित नहीं करनी चाहिए। एक कथा के मुताबिक भगवान शिव ने तुलसी के पति असुर जालंधर का वध किया था।
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    इसलिए उन्होंने स्वयं भगवान शिव को अपने अलौकिक और दैवीय गुणों वाले पत्तों से वंचित कर दिया।