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    इस हनुमान मंदिर का रहस्य क्या जानते हैं आप

    लखनऊ में हनुमान सेतु मंदिर है, जो वहां का अति प्रसिद्ध मंदिर है। लेकिन ऐसा ही एक और मंदिर लखनऊ में है, जिसे अलीगंज का नया हनुमान मंदिर के नाम से जाता है।
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    इस हनुमान मंदिर का रहस्य क्या जानते हैं आप

    बता दें कि इस मंदिर की स्थापना नवाब शुजाउद्दौला की बेगम और दिल्ली की मुगलिया खानदान की बेटी आलिया बेगम ने करवाई थी।
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    इस हनुमान मंदिर का रहस्य क्या जानते हैं आप

    मंदिर के पुजारियों का कहना है कि इस्लाम बाड़ी के नाम से एक टीला ह्ण हीवेट पॉलीटेक्निकह्ण के पास हुआ करता था। इस टीले में एक मूर्ति थी,जिसे मुस्लिम इस्लाम बाड़ी वाले बाबा के नाम से जानते थे।
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    इस हनुमान मंदिर का रहस्य क्या जानते हैं आप

    पौराणिक कथाओं के अनुसार आलिया बेगम की कोई संतान नहीं थी,जिससे वह बहुत दुखी थीं। एक दिन बेगम के माली ने राय दी कि आप इस्लाम बाड़ी के दरबार जाकर अर्जी लगाएं।
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    बेगम साहिबा ने वहां गईं। जिसके बाद उनकी मनोकामना पूरी हुई। एक दिन बेगम को सपने में बजरंगबली ने दर्शन दिए और कहा कि इस टीले में मेरी मूर्ति है, जिसमें मैं वास करता हूं। इसलिए इस मूर्ति की कहीं स्थापना करा दें।
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    जिसके बाद बेगम साहिबा ने टीला खुदवाया तो उसमें से सच में हनुमान जी की मूर्ति निकली। बेगम साहिबा मूर्ति को हाथी पर रखकर गोमती के पार ले जाना चाहती थीं मगर हाथी अलीगंज में ही बैठ गया।
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    मूर्ति का वज़न इतना ज्यादा हो गया कि कोई उसे हिला तक नहीं सका। ऐसे में आलिया बेगम ने मूर्ति की वहीं स्थापना करा दी और पुजारी नियुक्त कर दिया।
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    इस हनुमान मंदिर का रहस्य क्या जानते हैं आप

    मान्यता- हनुमान जी के इस मंदिर में लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। इसके बाद भक्त सिन्दूर का चोला, नए वस्त्र, झण्डा और घंटा टांगते हैं।
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    इस हनुमान मंदिर का रहस्य क्या जानते हैं आप

    अजीब मान्यताएं इस मंदिर की सबसे अलग बात ये है कि देश का अकेला ऐसा मंदिर हैं जहां पर जेठ की तपती दोपहरी में लाल लंगोटी वाले युवा जमीन पर लेटते हुए हनुमान जी के दर्शन करने आते हैं
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    इस हनुमान मंदिर का रहस्य क्या जानते हैं आप

    मनौती पूरी करने की अरदास लगाते हैं। यह सिलसिला पहले बड़े मंगल से लेकर अंतिम बड़े मंगल तक चलता है।